Thursday, June 27, 2019

गज़ल

मोहब्बत में तुमको दगा हम न देंगे,
वफा की है हमने वफा ही करेंगे।

मोहब्बत मेंं कैसी ये फिरकापरस्ती,
दिल दिया है हमने दिललगी करेंगे।

मोहब्बत न सिर्फ जिस्म-ऐ-जान से होती,
वतन से मोहब्बत हम सब से पहले करेंगे।

मोहब्बत वो कैसी जो हो सोची-समझी,
जो डूबे हैं इसमें वो इबादत करेंगे।
                             मंजु पांगती

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