Tuesday, June 16, 2020

मीरा बहन और बाघ कक्षा 3 पाठ -11

इंग्लैंड  की थी रहने  वाली,  मीरा  बहन  था  उनका  नाम।
छोड़ अपने माता-पिता को,किया भारत में सेवा का काम।।

गांधी जी  से हुई  प्रभावित,भरा था उन में  भी  सेवा भाव।
आजादी के पाँच साल बाद,चुना उन्होंने एक पहाड़ी गाँव। ।

रह  कर  गेवली  गावँ  में ,स्थापित किया गोपाल आश्रम।
पाला पालतू जानवरों को , दिन  भर  करती  बेहद  श्रम।।

नजदीक  के घने जंगल में, जहाँ  रहते  थे  बाघ  अनेक ।
जंगल के पेड़ काटे गये थे,बनाई गई थी वहाँ सड़क एक।।

 शिकार की तलाश में अब,बाघ घुस जाते अक्सर गाँव में।
रात  अंधेरा  होते  ही  सब,ग्रामीण जीते  डर  के  साये में । ।

फिर एक दिन घटना घटी ,मार डाला गाय को एक बाघ ने।
सुबह होते ही आग की भांति, फैल गई खबर पूरे  गाँव  में। ।

सोच विचार में पड़ गए लोग,सोचा ऐसा तो अब नित होगा।
गाय,कुत्ता और कभी मनुष्य,शिकार बाघ का जरूर बनेगा। ।

ग्राम वासी मिल कर फिर सब,गये मीरा बहन के आश्रम पर।
सोच विचार हुआ बहुत तब, पहुँचे बाघ कैद के निष्कर्ष  पर।।

लोहे का पिंजड़ा हुआ तैयार,बकरी को अंदर बांधा  जाएगा।
बाघ आएगा जैसे  ही अंदर , पिंजड़ा स्वत: बंद  हो  जाएगा।।

योजना तो थी बड़ी सधी हुई ,सोगये  रात  सब  खुशी-खुशी ।
पिंजड़ा  जहाँ  था रखा  गया,वह जगह आश्रम के करीब थी।।

सुबह बड़े कौतूहल  से  लोग,देखने को पिंजड़ा सब चल पड़े।
दूर  से देखा  बंद  दरवाजा,विश्वास भरी खुशी से उछल पड़े। ।

दौड़ के पहुँचे पास पिंजड़े के, देख  कर चकित सब रह गये।
पिंजड़ा तो  खाली  पड़ा  था,बंद दरवाजे की सब  सोच  रहे।।

सोचा जरा पूछ लें बहन  से,जानें क्या हुआ होगा  कल  रात।
आश्रम  पहुँच  सबने  पूछा, बताई   बहन  ने  अपनी   बात ।।

बोली बहन जी देखो भाई,मैं तो सो न सकी  कल  रात  भर।
ठीक न समझा धोखा देना, मैं  आ  गई  दरवाजा  बंद  कर ।।

दया,सच्चाई की वो मूरत ,जानवर को भी धोखा  दे  न  की।
यह देख-सुनकर  सब  ने ,दिल से प्रशंसा मीरा बहन की, की।।

मंजु पांगती
प्र.अ.रा.प्रा.वि.ग्वालदम (थराली)चमोली 

No comments:

Post a Comment

(विज्ञान गल्प ) मीरा का खेत कक्षा 3,4,व 5के लिए

       आज मीरा बहुत खुश थी।लाॅकडाउन के कारण उसका परिवार गाँव आया था।शहर की घुटन भरी जिंदगी ने उस मासूम कली को प्राकृतिक रूप से पनपने का अवस...