मोहब्बत में तुमको दगा हम न देंगे,
वफा की है हमने वफा ही करेंगे।
मोहब्बत मेंं कैसी ये फिरकापरस्ती,
दिल दिया है हमने दिललगी करेंगे।
मोहब्बत न सिर्फ जिस्म-ऐ-जान से होती,
वतन से मोहब्बत हम सब से पहले करेंगे।
मोहब्बत वो कैसी जो हो सोची-समझी,
जो डूबे हैं इसमें वो इबादत करेंगे।
मंजु पांगती
वफा की है हमने वफा ही करेंगे।
मोहब्बत मेंं कैसी ये फिरकापरस्ती,
दिल दिया है हमने दिललगी करेंगे।
मोहब्बत न सिर्फ जिस्म-ऐ-जान से होती,
वतन से मोहब्बत हम सब से पहले करेंगे।
मोहब्बत वो कैसी जो हो सोची-समझी,
जो डूबे हैं इसमें वो इबादत करेंगे।
मंजु पांगती